आंध्र प्रदेश में विपक्षी उम्मीदवारों को धमकाने का आरोप, CPI नेता रामकृष्ण ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश में विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने और उन पर हमले किए जाने के आरोप सामने आए हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के वरिष्ठ नेता रामकृष्ण ने गुरुवार को राज्य की सत्तारूढ़ पार्टियों पर विपक्षी प्रत्याशियों को धमकाने और नामांकन प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कई इलाकों में नामांकन पत्र छीनने और फाड़ने जैसी घटनाएं हुई हैं।
विजयवाड़ा में अपनी बात रखते हुए रामकृष्ण ने आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP), बीजेपी और जन सेना पार्टी से जुड़े लोगों द्वारा विपक्षी उम्मीदवारों को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, ये आरोप CPI नेता ने लगाए हैं और उपलब्ध जानकारी में इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
महिला उम्मीदवारों को भी धमकाने का आरोप
रामकृष्ण के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से रायलसीमा और अन्य जिलों का जिक्र करते हुए दावा किया कि विपक्षी उम्मीदवारों को पीठासीन अधिकारियों के सामने नामांकन दाखिल करने से रोका जा रहा है। CPI नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ महिला उम्मीदवारों को धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि नामांकन पत्र छीनने या फाड़ने जैसी घटनाएं चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
चुनाव आयोग की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
रामकृष्ण ने चुनाव आयोग की भूमिका की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि शिकायतों और कथित घटनाओं की जानकारी होने के बावजूद पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि इसके बाद चुनाव आयोग सक्रिय हुआ है, लेकिन अब तक उठाए गए कदमों के असर को लेकर उन्होंने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिलना चाहिए और कथित अनियमितताओं पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर केंद्र पर निशाना
CPI नेता ने मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार और बीजेपी को निशाने पर लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर नागरिकों के साथ अन्याय होने का आरोप लगाया। रामकृष्ण ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में 83 लाख से अधिक, तमिलनाडु में 74 लाख और बिहार में 48 लाख वोट हटाए गए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में दो करोड़ से अधिक वोट हटाए जाने की तैयारी का भी आरोप लगाया। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि देशभर में करीब 12 करोड़ वोट हटाए गए हैं। हालांकि, ये आंकड़े CPI नेता के दावे हैं। उपलब्ध रिपोर्ट में इनकी स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित राज्यों के चुनाव अधिकारियों का पक्ष शामिल नहीं है। इसलिए इन आंकड़ों को आधिकारिक रूप से सत्यापित मतदाता सूची संशोधन के आंकड़ों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।