आंध्र प्रदेश में स्थानीय चुनावों का बिगुल, 28 अक्टूबर को नगर निकायों में वोटिंग; दिसंबर तक चलेगा पूरा कार्यक्रम
Andhra Pradesh Local Body Elections 2026: राज्य निर्वाचन आयुक्त ने नगर निकाय, जिला और मंडल परिषद के साथ ग्राम पंचायत चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 14 अक्टूबर से आचार संहिता लागू हो गई है।
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने बुधवार, 14 अक्टूबर को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। इसके साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव की प्रक्रिया 14 अक्टूबर से शुरू होकर 2 दिसंबर 2026 तक पूरी होगी।
28 अक्टूबर को नगर निकायों के लिए मतदान
राज्य निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक, करीब 100 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव की अधिसूचनाएं 14 अक्टूबर को जारी की जा रही हैं। इन निकायों के लिए 28 अक्टूबर को मतदान होगा। वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा 30 अक्टूबर को की जाएगी। इन निकायों में अप्रत्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया भी शामिल है। निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि यह प्रक्रिया 5 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी।
मंडल और जिला परिषद के चुनाव 3 नवंबर को
आंध्र प्रदेश में मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (MPTC) और जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (ZPTC) के लिए 3 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। इन चुनावों के नतीजे 5 नवंबर को घोषित किए जाने हैं।इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण स्थानीय शासन से जुड़ी इन संस्थाओं के चुनाव भी नवंबर के पहले सप्ताह में पूरे हो जाएंगे।
तीन चरणों में होंगे ग्राम पंचायत चुनाव
ग्राम पंचायतों के चुनाव के लिए राज्य में तीन चरण तय किए गए हैं। मतदान की तारीखें इस प्रकार हैं:
- पहला चरण: 26 नवंबर 2026
- दूसरा चरण: 29 नवंबर 2026
- तीसरा चरण: 2 दिसंबर 2026
निर्वाचन आयुक्त के अनुसार, ग्राम पंचायत चुनावों के नतीजे मतदान वाले दिन ही घोषित किए जाएंगे। इस तरह स्थानीय निकाय चुनावों का अंतिम चरण दिसंबर की शुरुआत में पूरा होगा।
चुनाव कार्यक्रम के साथ लागू हुई आचार संहिता
अनिल चंद्र पुनेठा ने विजयवाड़ा में कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया 14 अक्टूबर से शुरू होकर 2 दिसंबर तक पूरी की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। चुनाव कार्यक्रम के ऐलान के बाद अब राज्य में नगर निकायों से लेकर ग्राम पंचायतों तक मतदान अलग-अलग चरणों में कराया जाएगा। मतगणना और परिणामों की तारीखें भी निर्वाचन आयोग ने तय कर दी हैं।