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अमित शाह का 10 साल का PRAHAAR प्लान, हर स्तर पर ऑटोमैटिक काउंटर-टेरर सिस्टम बनाने पर जोर

Shivashakti Narayan Singh · 29 सितम्बर 2026
अमित शाह का 10 साल का PRAHAAR प्लान

Amit Shah PRAHAAR Strategy: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित PRAHAAR -CT Policy and Strategy' सम्मेलन में अगले 10 वर्षों के लिए आतंकवाद विरोधी रणनीति को संस्थागत बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आतंकवादी घटनाओं का लगातार विश्लेषण कर ऐसा ऑटोमैटिक काउंटर-टेरर रिस्पॉन्स सिस्टम तैयार किया जाए, जो हर स्तर पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करे।

अमित शाह ने कहा कि PRAHAAR के सिद्धांत सिर्फ केंद्रीय एजेंसियों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें थाने तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया, ताकि किसी भी कार्रवाई में देरी न हो।

PRAHAAR के 7 स्तंभों पर हुआ मंथन

सम्मेलन में PRAHAAR के सात प्रमुख स्तंभों पर चर्चा हुई। इनमें Prevention, Response, Aggregating Internal Capacities, Human Rights, Attenuating Conditions for Terrorism, Aligning International Efforts और Recovery & Resilience शामिल हैं। इस दौरान पूरे समाज की भागीदारी वाले दृष्टिकोण पर भी जोर दिया गया।

288 भगोड़े भारत लौटे

अमित शाह ने कहा कि 2019 से 2026 के बीच मोदी सरकार ने 36 देशों से 288 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया है। उन्होंने एजेंसियों के बेहतर तालमेल का उदाहरण देते हुए बताया कि शाहजाद भट्टी नेटवर्क के 40 से ज्यादा मॉड्यूल ध्वस्त किए गए, जो हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी में कथित रूप से शामिल था।

उनके मुताबिक इस कार्रवाई के दौरान 15 राज्यों में 100 से अधिक एफआईआर दर्ज हुईं और 350 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि शाहजाद भट्टी नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।

लॉन्च हुआ नया Extradition Portal

गृह मंत्री ने इस दौरान नया Extradition Portal भी लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि इससे विदेशों में छिपे भगोड़ों को भारत लाने की प्रक्रिया तेज होगी। साथ ही राज्यों की पुलिस को सलाह दी कि वे केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने के लिए विशेष टीमें बनाएं।

बड़े अधिकारी हुए शामिल

इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह सचिव, विदेश सचिव, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख, 15 राज्यों के डीजीपी और सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) प्रमुख शामिल हुए। कई अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।