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JPNIC को लेकर अखिलेश का BJP पर निशाना, बोले-'ठहरी हुई सोच' नहीं चाहती तरक्की'

Geeta Sharma · 3 सितम्बर 2026
जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर को लेकर अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना

Akhilesh Yadav on BJP: लखनऊ में जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर सपा और भाजपा के बीच सियासी टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। अखिलेश यादव ने गुरुवार को JPNIC को लेकर BJP पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल की 'रुकी हुई सोच' आधुनिकता, विकास और प्रगति के विचारों के खिलाफ है।

पोस्ट साझा कर अखिलेश ने भाजपा पर कसा तंज

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए JPNIC का वीडियो भी जारी किया। यह वीडियो करीब 9 बाद केंद्र को खोले जाने के बाद सामने आया। यादव ने अपने बयान में BJP समर्थकों की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे समय से रुकी सोच पर या तो काई जम जाती है या फफूंद लगने से वह जंग खा जाती है।

इतिहास और विचारधारा को लेकर BJP पर निशाना

आगे उन्होंने अपने बयान में BJP के समर्थकों पर इतिहास को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन का हवाल देते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई के शहीदों के खिलाफ खड़े रहे लोगों का इतिहास हमेशा 'आजादी के दीवानों' के विरोध में रहा है। साथ ही अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि इसी तरह पुरानी सोच रखने वाले BJP नेताओं और उनके समर्थकों की मानसिकता तरक्की के रास्ते में खड़ी है। उन्होंने कहा कि BJP मौजूदा और आने वाली पीढ़ियों की उम्मीदों का सम्मान करने में विफल रही है।

अपने पोस्ट में BJP के खिलाफ कड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि न तो इतिहास की पीढ़ियां और न ही भविष्य की पीढ़ियां BJP और उसके सहयोगियों को माफ करेंगी। उन्होंने BJP को खत्म करने की अपील भी की।

योगी आदित्यनाथ के आरोपों के बाद बढ़ा विवाद

बता दें, अखिलेश यादव का यह बयान यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के JPNIC परियोजना को लेकर समाजवादी पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के कुछ दिनों बाद आया है। 30 अगस्त को लखनऊ में एक सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया था कि समाजवादी पार्टी ने LDA को परियोजना सौंपे जाने से पहले JPNIC को अपनी 'निजी कंपनी' की तरह चलाने की कोशिश की।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि JPNIC परियोजना को करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई थी, लेकिन बाद में इस पर 864 करोड़ रुपये खर्च हो गए और इसके बावजूद परियोजना अधूरी रह गई। उन्होंने परियोजना के प्रबंधन और नियंत्रण को लेकर भी SP पर सवाल उठाए।

2027 चुनाव से पहले सियासी टकराव

योगी आदित्यनाथ ने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी से जुड़ी एक समिति में अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और राजेंद्र चौधरी शामिल थे और इस समिति के जरिए केंद्र पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की गई। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बाद में समिति को भंग कर JPNIC को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के अधीन कर दिया गया। योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में सरकार की “जीरो-टॉलरेंस” नीति का उल्लेख करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का संदेश दिया।

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JPNIC की विरासत पर आमने-सामने SP और BJP

इससे पहले जुलाई में भी अखिलेश यादव ने JPNIC को LDA के अधीन किए जाने के फैसले का विरोध किया था। उन्होंने इसे समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की विरासत से जोड़ते हुए फैसले की आलोचना की थी। JPNIC अब केवल एक निर्माण परियोजना का मुद्दा नहीं रह गया है। समाजवादी पार्टी इसे जयप्रकाश नारायण की विरासत, लोकतांत्रिक मूल्यों और आधुनिक विकास की राजनीति से जोड़ रही है, जबकि BJP परियोजना की लागत, कथित अनियमितताओं और प्रबंधन को लेकर SP को घेर रही है। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक मुकाबला तेज होने के साथ JPNIC विवाद भी आने वाले दिनों में एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है।