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UN की वेबसाइट पर AI का अटैक! 16,500 बार सेंध की कोशिश, हर बार नाकाम

Shivani Gupta · 29 सितम्बर 2026
UN की वेबसाइट पर AI का अटैक

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI से जुड़े AI एजेंट्स ने संयुक्त राष्ट्र की UNCTADstat वेबसाइट को 16,500 से ज्यादा बार स्कैन किया। ये गतिविधियां अप्रैल से जून 2026 के बीच सामने आईं। AI एजेंट्स ने वेबसाइट पर मौजूद सार्वजनिक डेटा तक पहुंचने के लिए लगातार requests भेजीं और कुछ तकनीकी restrictions को पार करने की कोशिश भी की।

हालांकि, इसे सीधे तौर पर UN की वेबसाइट की सफल हैकिंग कहना सही नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, किसी गोपनीय डेटा की चोरी या वेबसाइट के सिस्टम के compromise होने की पुष्टि नहीं हुई है।

क्या है पूरा मामला?

जिस वेबसाइट पर AI एजेंट्स की गतिविधियां सामने आईं, वह UNCTADstat है। यह संयुक्त राष्ट्र के Trade and Development संगठन का सार्वजनिक डेटा प्लेटफॉर्म है। यहां दुनियाभर के व्यापार, अर्थव्यवस्था और दूसरे क्षेत्रों से जुड़े आंकड़े उपलब्ध होते हैं। सुरक्षा शोधकर्ता Rowan Howard-Jones के विश्लेषण के मुताबिक, AI एजेंट्स ने वेबसाइट के API और अलग-अलग endpoints को हजारों बार स्कैन किया। जब कुछ requests पर रोक लगी तो एजेंट्स ने डेटा तक पहुंचने के दूसरे रास्ते तलाशने शुरू कर दिए।

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ मामलों में proxy और third-party relay का इस्तेमाल किया गया और requests को अलग तरीके से भेजने की कोशिश की गई।

क्या AI ने वेबसाइट हैक कर ली?

फिलहाल ऐसा कहना सही नहीं होगा। AI एजेंट्स ने वेबसाइट तक पहुंचने की 16,500 से ज्यादा कोशिशें कीं, लेकिन उपलब्ध जानकारी में किसी confidential data की चोरी की पुष्टि नहीं हुई है।

शोधकर्ता के मुताबिक, यह गतिविधि पारंपरिक hacking से अलग थी। AI एजेंट्स का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक डेटा हासिल करना था, लेकिन restrictions के बावजूद लगातार नए रास्ते तलाशने की वजह से इस मामले ने साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

OpenAI से कैसे जुड़ा मामला?

शोध में कुछ requests और pages पर ऐसे identifiers मिले, जिनके आधार पर शोधकर्ता ने इस गतिविधि को OpenAI से जुड़े AI agents से जोड़ा है। हालांकि, किसी खास मॉडल या OpenAI की किसी टीम की प्रत्यक्ष भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। OpenAI ने मामले की समीक्षा करने की बात कही है और UN को जानकारी देने की पेशकश भी की है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

इस घटना का सबसे बड़ा सवाल डेटा चोरी नहीं, बल्कि AI agents की बढ़ती autonomy है। सामान्य चैटबॉट सवाल का जवाब देता है, लेकिन AI agent किसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए खुद कई चरणों में काम कर सकता है। UNCTADstat मामले में भी जब एक रास्ते पर तकनीकी रोक लगी तो AI एजेंट्स ने दूसरे रास्ते तलाशने की कोशिश की। यही व्यवहार भविष्य में AI की सुरक्षा और उसकी सीमाओं को लेकर नई चुनौती बन सकता है।

फिलहाल UN की वेबसाइट के किसी संवेदनशील सिस्टम या गोपनीय डेटा के प्रभावित होने की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन 16,500 से ज्यादा access attempts ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि AI agents को कितनी स्वतंत्रता दी जानी चाहिए और उनके लिए सुरक्षा सीमाएं कितनी मजबूत होनी चाहिए।