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पंचांग में तीसरे नवरात्रि पर बन रहा दुर्लभ संयोग! मां चंद्रघंटा की मिलेगी कृपा? जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल

MADHVI TANWAR · 13 अक्टूबर 2026
chandraghanta

13 अक्टूबर 2026 आज पंचांग के अनुसार विशाखा नक्षत्र के तहत शुक्ल तृतीया तिथि है। तो चलिए बताते हैं। पंचांग के मुताबिक नक्षत्र, योग और ग्रहों के गोचर से जानिए शुभ और अशुभ समय व राहुकाल?

पंचांग के अनुसार आज चित्रा और स्वाती नक्षत्र के साथ-साथ प्रीति योग और आयुष्मान योग का एक बेहद शुभ व दुर्लभ संयोग आज बना है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है।

आज का महत्वपूर्ण समय

सूर्योदय आज सुबह 6:20 बजे और सूर्यास्त शाम 5:53 पर होगा। राहु काल का समय दोपहर 3:00 बजे से शाम 4:27 बजे तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:41 से 5:30 बजे तक रहेगा।

इस अवधि को शांत योजना बनाने, चिंतन करने या प्रार्थना करने के लिए उपयुक्त मानें। राहु काल के दौरान नई शुरुआत करने से बचें

प्रगति की तरफ संभलकर बढ़े

पंचांग की पारंपरिक व्याख्या के अनुसार, मंगलवार पहल और दृढ़ता से जुड़ा है, इसलिए आज के दिन के लिए सोच-समझकर कार्रवाई करना एक उपयोगी विषय है। शुक्ल तृतीया के साथ पढ़ने पर यह सुझाव देता है कि एक ही बार में सब कुछ निपटाने की कोशिश करने के बजाय, प्रबंधनीय कदमों के माध्यम से प्रगति की ओर बढ़ना चाहिए।

गहन विश्लेषण का इन राशियों पर असर

आज के लिए सूचीबद्ध चंद्र राशियां, तुला और वृश्चिक, संतुलन और गहन विश्लेषण के पारंपरिक विषयों को एक साथ लाती हैं। ये व्याख्यात्मक संबंध हैं, न कि किसी के महसूस करने या व्यवहार करने के बारे में भविष्यवाणियाँ। कुल मिलाकर, ये प्रविष्टियां एक उपयोगी दैनिक ढांचा प्रदान करती हैं। 

मां चंद्रघंटा की कृपा और पूजा विधि

महत्व: मां चंद्रघंटा को साहस, शांति, और नकारात्मकता को दूर करने वाली देवी माना जाता है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है।

प्रिय भोग: मां को दूध, दूध से बनी मिठाई या खीर का भोग लगाया जाता है।

पूजा मंत्र

“ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥”
“या देवी सर्वभूतेषु माँ चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥” का जाप करें।

दुर्लभ संयोग और योग

प्रीति योग: रात 08:23 बजे तक प्रीति योग रहेगा, इसके बाद आयुष्मान योग शुरू होगा।

नक्षत्र: विशाखा नक्षत्र देर रात 01:42 बजे तक रहेगा।
रवि योग: पंचांग के अनुसार आज रवि योग का संयोग भी बना हुआ है।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:44 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:40 बजे से सुबह 05:30 बजे तक।
अमृत काल: शाम 04:14 बजे से शाम 05:57 बजे तक।

राहुकाल और अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 03:06 बजे से शाम 04:32 बजे तक रहेगा (इस दौरान शुभ कार्य या नई पूजा का संकल्प करने से बचना चाहिए)।
यमगंड काल: सुबह 09:00 बजे से सुबह 10:30 बजे तक।

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