जापान में 6.3 तीव्रता का भूकंप, जानिए क्यों कांपती है धरती
जापान के बोनिन द्वीप समूह के पास 6.3 तीव्रता का भूकंप आया है। बता दें कि जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है। अभी तक किसी बड़े नुकसान याहताहत होने की खबर नहीं है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में हल्के झटके महसूस किए गए।
धरती के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल को भूकंप आने की प्रमुख वजह माना जाता है। जब ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं या इनके बीच दबाव बढ़ता है, तो धरती में कंपन पैदा हो सकता है।
धरती के अंदर कैसे आती है हलचल?
धरती की ऊपरी परत कई बड़ी और छोटी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी है। ये प्लेटें लगातार बहुत धीमी गति से खिसकती रहती हैं। कई जगहों पर ये एक-दूसरे के करीब आती हैं, दूर जाती हैं या एक-दूसरे के किनारे से गुजरती हैं। इन गतिविधियों के कारण चट्टानों पर दबाव बनता है, जो समय के साथ बढ़ सकता है।
प्लेटों में दबाव बढ़ने से आता है भूकंप
जब चट्टानों पर जमा दबाव उनकी सहने की क्षमता से ज्यादा हो जाता है, तो वे अचानक टूट सकती हैं या अपनी जगह से खिसक सकती हैं। इस दौरान धरती के भीतर जमा ऊर्जा बाहर निकलती है और आसपास की जमीन में कंपन होने लगता है। इसी कंपन को भूकंप कहा जाता है। धरती के भीतर मौजूद जिन दरारों के सहारे चट्टानें खिसकती हैं, उन्हें फॉल्ट कहा जाता है।
कितना खतरनाक हो सकता है भूकंप?
भूकंप की तीव्रता से उसके संभावित प्रभाव का अंदाजा लगाया जाता है। हालांकि, नुकसान इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंप कितनी गहराई में आया, उसका केंद्र आबादी से कितनी दूर था और वहां बनी इमारतें कितनी मजबूत हैं। तेज भूकंप कमजोर मकानों, इमारतों, सड़कों और दूसरी संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
रिक्टर स्केल पर कैसे मापी जाती है तीव्रता?
भूकंप की तीव्रता बताने के लिए पहले रिक्टर स्केल का व्यापक इस्तेमाल होता था। अब बड़े भूकंपों के मैग्नीट्यूड के लिए मोमेंट मैग्नीट्यूड स्केल का भी इस्तेमाल किया जाता है। 2.0 या उससे कम मैग्नीट्यूड वाले भूकंप आमतौर पर महसूस नहीं होते, जबकि 7.0 या उससे अधिक मैग्नीट्यूड वाले भूकंप काफी विनाशकारी हो सकते हैं। हालांकि, हर भूकंप से होने वाला नुकसान अलग-अलग हो सकता है।
ये भी पढ़ें-तेलंगाना में डिफेंस सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, एयरोस्पेस और डिफेंस पॉलिसी 2.0 जल्द
वानुआतू में भी आया था 7.1 तीव्रता का भूकंप
जापान में भूकंप की खबर के बीच दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित वानुआतू द्वीपसमूह में भी तेज झटके आने की जानकारी सामने आई थी। दी गई जानकारी के अनुसार, शनिवार, 24 अक्टूबर को यहां 7.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप सुबह 8 बजकर 1 मिनट पर आया था। वानुआतू प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है। यह क्षेत्र टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रिय हलचल वाले इलाके में आता है, इसलिए यहां भूकंप आने की आशंका बनी रहती है।