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6 नवंबर 2026 पंचांग: धनतेरस और शुक्र प्रदोष का महासंयोग, जानिए मां लक्ष्मी की पूजा का शुभ मुहूर्त?

MADHVI TANWAR · 6 नवम्बर 2026
6 नवंबर 2026 पंचांग: धनतेरस और शुक्र प्रदोष का महासंयोग

6 नवंबर 2026 दिन शुक्रवार को धनतेरस का पावन पर्व मनाया जा रहा है। आज हस्त नक्षत्र का शुभ संयोग है। यह दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के हिसाब से पंचांग में जानिए मां लक्ष्मी की धनतेरस पर पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय?

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

सूर्योदय: सुबह 06:37 बजे
सूर्यास्त: शाम 05:32 बजे

6 नवंबर 2026 को धनतेरस पर मां लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक है (कुल अवधि 1 घंटा 56 मिनट)

धनतेरस पूजा मुहूर्त

शाम 6:02 – 7:57
कुल अवधि: 1 घंटा 56 मिनट

प्रदोष काल: शाम 5:33 से रात 8:09 बजे तक
वृषभ काल: शाम 6:02 से 7:57 बजे तक

धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस पर सोना, चांदी, पीतल और तांबे के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इसके अलावा धनिया के बीज और झाड़ू खरीदने की भी परंपरा है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करके अच्छे स्वास्थ्य और मां लक्ष्मी-कुबेर से सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। धनतेरस के दिन शाम को यमदीपदान करने की भी परंपरा है। मान्यता है कि इससे परिवार पर अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।

मुख्य पंचांग विवरण

त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 6 नवंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे से
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 7 नवंबर 2026 को सुबह 10:47 बजे तक
प्रदोष काल: शाम 5:32 बजे से रात 8:09 बजे तक

वृषभ लग्न: शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक (पूजा और खरीदारी के लिए अत्यंत श्रेष्ठ)

आज के विशेष मुहूर्त और समय

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
अमृत काल: रात 10:31 बजे से अगले दिन (7 नवंबर) तड़के 12:10 बजे तक
राहुकाल: सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक (इस दौरान शुभ कार्य या नई खरीदारी से बचें)

धनतेरस पर शुभ उपाय

मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की श्रद्धापूर्वक पूजा करें।
घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल को साफ रखें।
अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को दान करें।
धन और निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें।